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अस्पताल में भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, पत्नी ने देशवासियों से की भावुक अपील

नई दिल्ली: मशहूर शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जारी है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बताया कि दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल लेकर गई, लेकिन उन्होंने अपना अनशन समाप्त. . .

नई दिल्ली: मशहूर शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जारी है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बताया कि दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल लेकर गई, लेकिन उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। उन्होंने देशवासियों से सोनम के समर्थन में खड़े रहने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करने की अपील की।

AIIMS के डॉक्टरों ने बताया स्वास्थ्य की स्थिति

एम्स के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने बताया कि सोनम वांगचुक की जांच की गई है और फिलहाल उनका ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और नब्ज सामान्य हैं। वह पूरी तरह होश में हैं और सामान्य रूप से बातचीत कर रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को देखते हुए आईवी फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी लेने की सलाह दी है, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया है।

पत्नी ने मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल

गीतांजलि आंगमो ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन उनकी मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में सोनम का पोटैशियम लेवल 2.9 बताया गया, जबकि एक दिन पहले यह 4.3 था। नका कहना है कि उन्हें किसी दूसरी लैब से जांच कराने की अनुमति नहीं दी जा रही और न ही उनके सामने ब्लड सैंपल लिया जा रहा है। पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सोनम को डिस्चार्ज कर अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने की मांग की।

डॉक्टरों की सलाह के बावजूद इलाज से इनकार

स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, लंबे समय से उपवास के कारण सोनम वांगचुक में डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें आईवी फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और आवश्यक दवाएं देने की सलाह दी ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी की जा सके। हालांकि, सोनम वांगचुक ने आईवी फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन और अन्य सभी दवाएं लेने से इनकार कर दिया। उनके परिवार ने भी फिलहाल सुझाई गई मेडिकल प्रक्रिया के लिए सहमति नहीं दी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

जंतर-मंतर पर जारी विरोध, अभिजीत दिपके भी बैठे भूख हड़ताल पर

सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद भी जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस रात या तड़के धरना स्थल खाली कराने की कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण आंदोलन को मजबूती दें और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल हों।

चंद्रशेखर आजाद ने जताया छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ समर्थन

आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और ऐसे में इस तरह की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात कही।

दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई पर दी सफाई

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार डॉक्टर नियमित मेडिकल जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसमें बाधा डाली, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह और सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, लंबे उपवास के कारण उनमें कमजोरी और डिहाइड्रेशन के लक्षण पाए गए हैं तथा विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण अनशन कर रहे व्यक्ति को इस तरह हटाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रश्न पत्र लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याओं जैसे मुद्दों को देश के भविष्य से जुड़ा बताया। वहीं, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

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