मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के राधाकुंड क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। खुद को साधु और आध्यात्मिक गुरु बताने वाला एक युवक कथित रूप से प्रवचन और धार्मिक गतिविधियों की आड़ में युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण कर रहा था। पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी की असलियत सामने आने पर लोगों में भारी आक्रोश है।
प्रवचन के नाम पर रचता था जाल
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आध्यात्मिक प्रवचन देता था और खुद को साधु के रूप में प्रस्तुत करता था। इसी पहचान का फायदा उठाकर वह युवतियों और युवाओं का विश्वास जीतता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी धार्मिक और आध्यात्मिक बातों के जरिए लोगों का मानसिक रूप से प्रभावी ढंग से ब्रेनवॉश करता था। इसके बाद वह उन्हें अपने संपर्क में लाकर कथित तौर पर उनका मानसिक और शारीरिक शोषण करता था।
पीड़िता की शिकायत के बाद खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से तीन युवतियों को बरामद किया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद की गई युवतियों की स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक सहायता और उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है।
मोबाइल फोन से मिले आपत्तिजनक फोटो और वीडियो
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद होने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल सबूत आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्क में आए लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। पुलिस अब इन इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।
IIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है आरोपी
प्रारंभिक जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अभिषेक मिश्रा ने कथित तौर पर Indian Institute of Technology Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
एक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद आरोपी पर गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है।
कितनी युवतियां बनीं शिकार, जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया। अधिकारियों को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक हो सकती है।
जांच टीम आरोपी के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंकिंग लेनदेन और संपर्क सूत्रों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा अन्य संभावित पीड़ितों से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी
घटना सामने आने के बाद राधाकुंड और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था का दुरुपयोग कर इस तरह की गतिविधियां समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
कई सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है तथा दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो उनकी शिकायतों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। डिजिटल सबूतों की जांच, बरामद युवतियों के बयान और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी व्यक्ति पर केवल उसके धार्मिक या आध्यात्मिक दावों के आधार पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।