जीटीए में भ्रष्टाचार पर शुभेंदु अधिकारी सख्त, बोले- दोषियों से वसूला जाएगा लूटा हुआ पैसा; कलिम्पोंग में मेडिकल कॉलेज की भी घोषणा
सिलीगुड़ी। नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद हिमालयी क्षेत्र में बढ़ी संवेदनशीलता के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने पहाड़ी इलाकों में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और उससे जुड़े कार्यों के लिए 354 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा को यह राशि गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) को जारी करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने यह घोषणा सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या से कलिम्पोंग के लोगों के साथ वर्चुअल संवाद के दौरान की। खराब मौसम के कारण उनका कलिम्पोंग का प्रस्तावित हेलीकॉप्टर दौरा रद्द हो गया था। हेलीकॉप्टर को पहाड़ी क्षेत्र में उतरने में कठिनाई के बाद वापस सिलीगुड़ी लौटना पड़ा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से लोगों और प्रशासन से संवाद किया।
नेपाल की स्थिति के बीच पहाड़ों में सुरक्षा पर जोर
शुभेंदु अधिकारी ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, मिरिक और कर्सियांग समेत पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों से पड़ोसी नेपाल की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील है और सरकार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में बाढ़, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को तैयार रखा जाएगा। तीस्ता में आई बाढ़ का उल्लेख करते हुए उन्होंने अर्जुन वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और सेना को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने की बात कही।
जीटीए में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई के संकेत
मुख्यमंत्री ने जीटीए में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं की पूरी जांच होगी और यदि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है तो उसे संबंधित लोगों से वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जीटीए समेत विभिन्न विभागों और एजेंसियों में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश विश्वजीत बसु की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। आईपीएस अधिकारी के. जयरामन भी जांच प्रक्रिया से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, खाद्य एवं आपूर्ति, आपदा राहत, नगरपालिकाओं और पंचायत निकायों, आवास, मत्स्य पालन, उद्योग, लोक निर्माण, भूमि प्रशासन तथा जीटीए से संबंधित मामलों में अनियमितताओं की जांच की जाएगी। उन्होंने लेपचा विकास बोर्ड और तमांग विकास बोर्ड में भी कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की बात कही।
जीटीए में विकास कार्य जारी रहेंगे
जीटीए में नवनियुक्त प्रशासक स्मृतिरंजन मोहंती के नेतृत्व में विकास कार्य जारी रखने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में विकास परियोजनाएं शुरू करने से पहले प्रशासक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे और उनकी सलाह लेंगे। जीटीए के जिन सदस्यों ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है, उनसे भी विकास संबंधी मामलों में विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीटीए के लिए सरकारी आवंटन को बढ़ाकर लगभग दोगुना किया गया है। सरकार का लक्ष्य पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
कलिम्पोंग में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कलिम्पोंग में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी 6 अक्टूबर को कलिम्पोंग दौरे के दौरान इसकी आधारशिला रखी जाएगी। सरकार के इस फैसले से पहाड़ी क्षेत्र में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
भूस्खलन प्रभावित 73 परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख
मुख्यमंत्री ने 4 अक्टूबर 2025 को हुए भूस्खलन में घर गंवाने वाले 73 परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सहायता राशि को मंगलवार को मंजूरी दे दी गई है, ताकि प्रभावित परिवार अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकें।
गोरखालैंड आंदोलन से जुड़े मामलों पर भी फैसला संभव
वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखालैंड आंदोलन से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और आर्थिक सहायता देने के संबंध में मंत्रिमंडल फैसला करेगा। उन्होंने ऐसे मामलों में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की संभावना भी जताई। पहाड़ों के स्थायी राजनीतिक समाधान के सवाल पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ दिन पहले सिलीगुड़ी में बैठक की थी और इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा।
17 सितंबर को अन्नपूर्णा योजना की अगली किस्त
मुख्यमंत्री ने राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना की अगली किस्त 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी। कलिम्पोंग के नए पात्र लाभार्थियों को भी योजना में शामिल करने की बात कही गई। उन्होंने सांसद राजू बिष्ट और विधायक भरत छेत्री को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
शिक्षा और रोजगार पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के संकेत देते हुए कहा कि ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण रखा जाएगा।
उत्तर बंगाल के दौरे का कार्यक्रम
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के दौरान वह उत्तर बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान कूचबिहार और जलदापाड़ा जाने की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन को जंगल में छोड़े जाने से जुड़े कार्यक्रम में भी वह शामिल होंगे। इसके बाद दार्जिलिंग और कलिम्पोंग का दौरा प्रस्तावित है।नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी। इस घटना के बाद हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और पर्यावरणीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार का 354 करोड़ रुपये का यह फैसला पहाड़ी क्षेत्रों की आपदा तैयारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।