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फिर से युद्ध : अमेरिका ने ईरानी सैन्य स्थलों पर की बमबारी, IRGC ने कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल से किए हमले, समझौते

नई दिल्ली। ईरान ने हफ्ते के अंत में एक अमेरिकी ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर’ ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण स्थलों पर बमबारी की। अमेरिका की सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी। ईरान. . .

नई दिल्ली। ईरान ने हफ्ते के अंत में एक अमेरिकी ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर’ ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण स्थलों पर बमबारी की। अमेरिका की सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी। ईरान ने जवाबी हमला करने की बात स्वीकार की। इस बीच कुवैत ने कहा कि उस पर ड्रोन एवं मिसाइल हमले किए गए, जिन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई शुरू कर दी।

सीजफायर के बीच जारी हैं हमले

ये हमले ईरान युद्ध में कई हफ्ते से लागू सीजफायर की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस सीजफायर की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हमले लगातार जारी हैं।

लितानी नदी से आगे इजरालय ने लेबनान पर किया कब्जा

ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बनाए हुए है जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। कभी फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने से तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक कारोबार का पांचवां हिस्सा गुजरता था। इस बीच, स्थिति लगातार और चिंताजनक हो रही है। इजरायल ने लेबनान में लितानी नदी से आगे भी कब्जा कर लिया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल में ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।

अमेरिका ने गेरुक शहर और केशम द्वीप में किए हमले

अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए। ‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा, ‘सीमित और सोच-समझकर किए गए ये हमले ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए जिनमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहे ‘अमेरिकी एमक्यू-1′ ड्रोन को मार गिराना शामिल है।’

ईरान ने किया अमेरिकी हमलों का किया काउंटर

उसने कहा, ‘अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे।’

ईरानी हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक नहीं हुआ हताहत

प्रीडेटर ड्रोन को अमेरिकी वायुसेना सेवा से हटा चुकी है और अब वह ‘एमक्यू-9 रीपर’ ड्रोन का इस्तेमाल करती है लेकिन अमेरिकी थल सेना अब भी प्रीडेटर ड्रोन का उपयोग करती है। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ।

कुवैत में सोमवार तड़के किए गए हमले

इस बीच कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए सोमवार तड़के कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, ईरानी अर्द्धसैन्य बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया।

IRGC ने कहा किया जवाबी हमला

‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कहा कि उसने जवाबी हमला किया लेकिन यह नहीं बताया कि हमला कहां किया गया। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से शुक्रवार को मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि सीजफायर की अवधि बढ़ाने और होर्मूज स्ट्रेट को फिर से खोलने के समझौते पर आगे बढ़ना है या नहीं।

समझौते को नहीं दिया गया अंतिम रूप

ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ट्रंप ने सोमवार तड़के अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा, ‘ईरान सचमुच समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका एवं हमारे साथ खड़े देशों के लिए अच्छा समझौता होगा। बस निश्चिंत रहिए, अंत में सब ठीक हो जाएगा – हमेशा ऐसा ही होता है!’

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