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पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला-बंगाल में राशन कार्डों की बड़ी जांच, 63 लाख संदिग्ध लाभार्थियों पर कार्रवाई की तैयारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं और राज्य के खजाने पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने खाद्य साथी योजना के. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं और राज्य के खजाने पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने खाद्य साथी योजना के तहत मुफ्त और रियायती दरों पर अनाज प्राप्त कर रहे अपात्र तथा फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उनके राशन कार्ड रद्द करने का फैसला लिया है।

आधिकारिक आदेश के अनुसार होगा काम

गुरुवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Review – SIR) 2026 के आधार पर ऐसे सभी राशन कार्डों को चिन्हित किया जाएगा, जो सरकारी नियमों के तहत अयोग्य पाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस कदम से योजनाओं में हो रहे फंड के दुरुपयोग और लीकेज पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

वोटर लिस्ट से हटे 63 लाख नामों की होगी जांच

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आदेश में कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 63 लाख लोगों की पहचान की जाएगी। यदि जांच में वे राशन योजना के पात्र नहीं पाए जाते हैं, तो उनके राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि सरकार ने मानवीय और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राहत भी दी है। जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है या किसी ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील दायर कर रखी है, उनके राशन कार्ड अंतिम निर्णय आने तक सक्रिय बने रहेंगे।

अन्नपूर्णा योजना के लिए नया आवेदन फॉर्म जारी

मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी द्वारा हाल ही में शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना के लिए सरकार ने नया आवेदन फॉर्म जारी किया है। सरकार को संदेह है कि पूर्ववर्ती सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना में बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थी शामिल थे। नई अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य की लगभग दो करोड़ महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना पर राज्य सरकार को प्रतिवर्ष करीब 72,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इसके मुकाबले पूर्व की लक्ष्मी भंडार योजना पर राज्य सरकार का वार्षिक खर्च लगभग 30,000 करोड़ रुपये था।

सरकारी योजनाओं में लीकेज रोकने पर फोकस

सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में राजस्व बढ़ाने के सीमित विकल्पों के बीच योजनाओं में हो रहे फंड के दुरुपयोग और लीकेज को रोकना बेहद जरूरी हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, खाद्य साथी योजना पर हर साल करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इस योजना के माध्यम से लगभग दो करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाता है, जबकि किसानों से बड़े पैमाने पर धान की खरीद भी की जाती है।

राशन कार्ड सत्यापन कैसे होगा?

सरकार ने सभी राशन कार्ड धारकों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत:
सभी एसडीओ और बीडीओ अपने क्षेत्रों से हटाए गए मतदाताओं की सूची खाद्य विभाग को सौंपेंगे।
खाद्य विभाग के निरीक्षक संबंधित लाभार्थियों के घर जाकर सत्यापन करेंगे।
जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वाले लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे।
पूरी प्रक्रिया 15 जून 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

धान खरीद घोटाले की भी होगी जांच

सरकार केवल राशन कार्ड सत्यापन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूर्ववर्ती शासनकाल के दौरान हुई धान खरीद प्रक्रिया की भी गहन जांच कराने की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में राज्य द्वारा कागजों पर औसतन 55 लाख टन से अधिक धान खरीदने का दावा किया गया है। हालांकि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि धान से चावल तैयार करने के लिए राइस मिलों को भेजी गई बड़ी मात्रा का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाएंगी कि कागजों पर दर्शाई गई धान खरीद वास्तविक थी या फिर इसमें किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है।

बंगाल में करोड़ों लोगों को मिलता है मुफ्त अनाज

वर्तमान में केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पश्चिम बंगाल के लगभग 6.01 करोड़ लोगों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराती है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से करीब दो करोड़ और लोगों को मुफ्त अनाज देती है। नई सरकार अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि इन अतिरिक्त लाभार्थियों में केवल वास्तविक और पात्र परिवारों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। वहीं धान खरीद से जुड़े कथित घोटाले की आधिकारिक जांच भी जल्द शुरू होने की संभावना है।

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