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अन्नपूर्णा योजना के 12 पन्नों के फॉर्म पर बवाल के बीच सीएम सुवेंदु अधिकारी की सफाई, ‘पुरुष भी ले रहे थे महिलाओं का भत्ता, नहीं बख्शेंगे’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा योजना’ का आवेदन फॉर्म सामने आते ही राज्य में एक नई बहस छिड़ गई थी। विपक्ष और आम जनता के बीच यह सवाल उठने लगा था कि इस सरकारी लाभ को पाने के. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा योजना’ का आवेदन फॉर्म सामने आते ही राज्य में एक नई बहस छिड़ गई थी। विपक्ष और आम जनता के बीच यह सवाल उठने लगा था कि इस सरकारी लाभ को पाने के लिए आखिर 12 पन्नों का लंबा फॉर्म क्यों भरना पड़ रहा है और इसमें परिवार की इतनी विस्तृत जानकारियां क्यों मांगी जा रही हैं। अब इस पूरे विवाद पर खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चुप्पी तोड़ी है। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने इसके पीछे की असली वजह साफ की है।

‘लक्ष्मी भंडार’ में भयंकर फर्जीवाड़ा, पुरुषों ने भी उठाए महिलाओं के पैसे

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य में पहले से चल रही ‘लक्ष्मी भंडार’ (Lakshmir Bhandar) योजना के लाभार्थियों को ही अब धीरे-धीरे ‘अन्नपूर्णा योजना’ में बदला (Convert) जा रहा है। इसी स्क्रूटनी और डेटा ट्रांसफर के दौरान पिछली सरकार के समय हुआ एक बहुत बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने विस्फोटक आरोप लगाते हुए कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना के डेटा में भारी विसंगतियां (Garmil) मिली हैं। कई फर्जी बैंक खातों के जरिए सरकारी भत्ते की राशि का गबन किया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिलाओं के लिए बनी इस योजना का पैसा कई पुरुषों के खातों में भी जा रहा था। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “इस वित्तीय हेराफेरी में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, सभी दोषियों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज होगा। अब तक ऐसे 22 फर्जी खाते मिल चुके हैं जहाँ पुरुष पैसे उठा रहे थे, जांच जारी है और न जाने ऐसे कितने और खाते सामने आएंगे।”

“जल्दबाजी न करें, हर पात्र व्यक्ति को मिलेगा अधिकार”

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा, “जो लोग भी इस योजना के असली हकदार (योग्य पात्र) हैं, उन सभी को इसका लाभ निश्चित रूप से मिलेगा। इसलिए कोई भी हड़बड़ी या जल्दबाजी न करे।”
मुख्यमंत्री ने उन लोगों को भी आश्वस्त किया जो एसआईआर (SIR) सूची से बाहर रह गए हैं लेकिन उन्होंने सीएए (CAA) के तहत आवेदन किया है, उन्हें भी कोई समस्या नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने एक कड़ा सवाल उठाते हुए कहा, “जो लोग इस देश के मतदाता (Voter) ही नहीं हैं, उन्हें भला राज्य का सामाजिक सुरक्षा भत्ता क्यों मिलना चाहिए?” मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अन्नपूर्णा योजना की राशि केवल और केवल सही और योग्य नागरिकों तक ही पहुँचे, इसे सुनिश्चित करने के लिए ही कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

सोमवार से शुरू हुआ ऑनलाइन आवेदन

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कल तक इस 12 पन्नों के फॉर्म को लेकर तरह-तरह की बातें बना रहे थे और आलोचना कर रहे थे, आज वे खुद इस फॉर्म को भरने के लिए लाइनों में खड़े नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि अन्नपूर्णा योजना का ऑफलाइन फॉर्म पहले ही जारी किया जा चुका था, और आज यानी सोमवार से इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म फिलअप (Online Application) की प्रक्रिया भी आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।

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