नई दिल्ली। लेबनान और इस्राइल के बीच 10 दिन का युद्धविराम स्थानीय समयानुसार बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से प्रभावी हो गया। लेबनान में स्थित ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथी समूह और इस्राइल के बीच एक महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के बाद, दोनों पड़ोसी देशों ने मंगलवार को दशकों बाद अपनी पहली सीधी कूटनीतिक वार्ता की। यह वार्ता वाशिंगटन में हुई।
नेतन्याहू ने 10 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताई
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने लेबनान में 10 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताई है। नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह कदम लेबनान के साथ शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यदि यह युद्धविराम कायम रहता है तो इससे ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच कई हफ्तों से जारी विनाशकारी युद्ध के बाद, युद्धविराम को आगे बढ़ाने के प्रयासों को बल मिल सकता है। इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं और इसके कारण तेल की आपूर्ति बाधित हुई है जिसने वैश्विक बाजारों को अस्त-व्यस्त कर दिया गया।
ईरान के साथ युद्ध शुरू होते ही हिजबुल्ला ने इस्राइल पर गोलीबारी
ईरान के साथ युद्ध शुरू होते ही हिजबुल्ला ने इस्राइल पर गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस्राइल की आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, बृहस्पतिवार रात तक उसने उत्तरी इस्राइल के समुदायों को निशाना बनाकर हमले जारी रखे जिनमें कम से कम आठ लोग घायल हुए। इनमें से दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। युद्धविराम लागू होने से कुछ ही देर पहले उत्तरी इस्राइल के कुछ इलाकों में हवाई हमले के सायरन सुने गए। इस्राइल की सेना ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि वह हिजबुल्ला के कई रॉकेट लॉन्चर पर हमला कर रही है।
ट्रंप को हिज्बुल्लाह से उम्मीद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हिज़्बुल्लाह इस 10 दिन के युद्धविराम के दौरान “अच्छा और शांति से व्यवहार करेगा”। लास वेगास में एक भाषण के लिए पहुंचते समय ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि हिज़्बुल्लाह इस महत्वपूर्ण समय में अच्छा व्यवहार करेगा. अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह उनके लिए एक बहुत बड़ा पल होगा. अब और हत्या नहीं. आखिरकार शांति होनी चाहिए!”