संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में एक बार फिर अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन हुआ है। जिले के नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव में शनिवार को दो मंजिला मस्जिद मुस्तफा कादरी की इमारत को अवैध बातकर बुलडोजर से बड़ा हिस्सा गिरा दिया गया। पूरे भवन को गिराया जाना हैं। मामले में राजस्व विभाग का कहना है कि करीब 1200 वर्गमीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि तहसीलदार कोर्ट के बेदखली आदेश के बाद कार्रवाई की गई है। वहीं, इस मस्जिद में ‘I LOVE MUHAMMAD’ के पोस्टर मिलने का मामला सामने आया है। इस मामले में एसपी केके बिश्नोई ने जांच की बात कही है।
एसपी ने क्या कहा?
संभल एसपी केके बिश्नोई ने कसेरुआ गांव में अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन को लेकर कहा कि मामले में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता की गई है। उन्होंने कहा कि कसेरुआ गांव में अवैध कब्ज़े को हटाने की कार्रवाई चल रही है। एक अवैध मस्जिद को भी हटाया जा रहा है। जांच के दौरान मस्जिद में ‘I LOVE MUHAMMAD’ के पोस्टर और झंडे भी मिले हैं। एसपी ने कहा कि मस्जिद में किन लोगों ने इन बैनर-पोस्टर को रखा है, इसकी जांच की जाएगी। यहां 4 थानों की फोर्स और सर्किल ऑफिसर मौजूद हैं।
21 अप्रैल को आदेश
राजस्व विभाग और पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि तहसीलदार कोर्ट ने 21 अप्रैल को मस्जिद कमिटी के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया था। मस्जिद कमिटी ने जिलाधिकारी कोर्ट में अपील दाखिल कर रखी है। हालांकि, नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरेल की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने नगर पालिका संभल और नगर पंचायत सिरसी के बुलडोजर और स्चाफ के साथ यह कार्रवाई की। राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की जमीन है।
प्रशासन का अलग दावा
प्रशासन का दावा है कि इसमें 1200 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद का निर्माण किया और तीन मकान भी बना लिए थे। दूसरे गाटा गाटा संख्या 410 में खाद के गड्ढे दर्ज हैं। उसमें भी 600 वर्गमीटर क्षेत्र में आठ मकान बना लिए थे। गाटा संख्या 411 वृक्षारोपण के लिए आरक्षित भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही थी।
तहसीलदार भी पहुंचे
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को बताया कि शिकायत पर की गई जांच में पाया गया कि कब्रिस्तान की जमीन पर मस्जिद बनाकर कब्जा किया गया है। राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। सुनवाई के दौरान मस्जिद कमिटी की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया।
तहसीलदार ने बताया कि सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने बेदखली का आदेश पारित कर दिया। इस मामले में लेखपाल की शिकायत पर जनवरी 2026 में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। अब इसे खाली कराने की कार्रवाई की गई है।