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महाराष्ट्र की राजनीति में मची हलचल : क्या एनसीपी का शरद पवार गुट NDA में होगा शामिल ? देर रात हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात से बढ़ी राजनीतिक अटकलें

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर हुई एक बैठक ने सियासी हलचल तेज कर दी। बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल,. . .

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर हुई एक बैठक ने सियासी हलचल तेज कर दी। बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल, एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल के पहुंचने की खबरों के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, इस मुलाकात के बाद एनसीपी (शरद पवार गुट) की ओर से किसी भी राजनीतिक बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जयंत पाटिल ने अटकलों को किया खारिज

एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के साथ कोई संयुक्त बैठक नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वे केवल इस्लामपुर नगर परिषद के नगराध्यक्ष को अयोग्य ठहराए जाने से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने गए थे। पाटिल के अनुसार, वह रात करीब 10:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और लगभग 10:45 बजे पांच मिनट की चर्चा के बाद वहां से निकल गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसी समय सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी मुख्यमंत्री आवास पर मौजूद थे।

बंद कमरे की बैठक को लेकर अलग-अलग दावे

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं के बीच करीब सवा घंटे तक चर्चा हुई। वहीं, यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले जयंत पाटिल, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की अलग बैठक हुई थी। हालांकि, जयंत पाटिल ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात केवल स्थानीय प्रशासनिक मुद्दे तक सीमित थी।

एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं को मिली नई हवा

इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या शरद पवार गुट भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के करीब पहुंच रहा है। पिछले कुछ समय से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि एनसीपी (शरद पवार गुट) कुछ राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार का समर्थन कर सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक किसी भी राजनीतिक गठबंधन या एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

संविधान संशोधन विधेयक पर समर्थन की चर्चा

सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि केंद्र सरकार आगामी मानसून सत्र में एक महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक दोबारा पेश करने की तैयारी में है, जिसे पिछली बार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका था।राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, एनसीपी (शरद पवार गुट) का संभावित समर्थन केवल इस विधेयक तक सीमित हो सकता है। हालांकि, इस दावे की भी पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पार्टी में संभावित टूट रोकने की रणनीति?

कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी विशेष विधेयक पर समर्थन दिया जाता है, तो इसका उद्देश्य पार्टी के भीतर संभावित असंतोष और टूट को रोकना भी हो सकता है। हाल के दिनों में पार्टी के कुछ नेताओं और सांसदों के अन्य दलों में जाने की अटकलें भी सामने आती रही हैं।

भाजपा नेतृत्व से संपर्क की भी चर्चा

राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इस मुद्दे पर शरद पवार गुट से संपर्क किया था। हालांकि, इन दावों की भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं

फिलहाल, एनसीपी (शरद पवार गुट) की ओर से एनडीए में शामिल होने या किसी राजनीतिक समझौते को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आधी रात की इस बैठक को लेकर उठ रहे तमाम सवालों के जवाब आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएंगे।

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