नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर बीते 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध एक्टिविस्ट और साइंटिस्ट सोनम वांगचुक की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वे पहले से काफी कमजोर नजर आ रहे हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अनशन के कारण उनका करीब 9 किलोग्राम वजन घट चुका है। इस बीच, उनका जबरन अनशन तुड़वाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। इसके बावजूद, वांगचुक ने अपना आंदोलन वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है।
‘खाना खा लेने से क्या बदल जाएगा?’ — समर्थकों से वांगचुक का सवाल
हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए एक भावुक लेकिन दृढ़ संदेश दिया। उन्होंने पूछा कि अगर वे अपना अनशन तोड़ भी दें, तो उससे क्या बदल जाएगा? क्या सिर्फ उनके खाना खा लेने से आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पूरा हो जाएगा?
वांगचुक ने अपने समर्थकों से अपील की:
तबीयत से ज्यादा मुद्दों पर दें ध्यान: समर्थकों को उनकी सेहत को लेकर ज्यादा चिंता करने की बजाय आंदोलन के मोटिव और मुख्य मांगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अंग सामान्य रूप से कर रहे काम: उन्होंने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर नहीं है। लगातार अनशन से मांसपेशियां भले ही कमजोर हुई हैं, लेकिन उनका दिल और अन्य महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह सामान्य काम कर रहे हैं।
आंदोलन को कमजोर नहीं होने देना : वांगचुक ने कहा कि अभी अनशन खत्म करने का मतलब सरकार को यह संदेश देना होगा कि यह आंदोलन गंभीर नहीं है। वे कुछ दिन और इसे जारी रख सकते हैं।
आज देशव्यापी भूख हड़ताल, 20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
सोनम वांगचुक के इस आंदोलन को देशव्यापी समर्थन मिल रहा है। उनके समर्थन में आज एक दिन के लिए देशव्यापी भूख हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल सोनम वांगचुक का साथ देना है, बल्कि छात्रों और जनता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचना भी है।
सोनम वांगचुक ने समर्थकों से आग्रह किया है कि वे उनसे अनशन समाप्त करने की भावुक अपील करने के बजाय, 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च की तैयारियों में जुटें और अधिक से अधिक संख्या में इसमें शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।