पुंछ (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से तबाही की एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झंझोर कर रख दिया है। शनिवार देर绕 से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार सुबह तक काल बनकर बरसी। अचानक आई बाढ़ और भयानक भूस्खलन के कारण अब तक 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मलबे और पानी के तेज बहाव में कई लोग अब भी लापता हैं, जबकि तीन मासूम बच्चों समेत चार लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
हंसता-खेलता परिवार, 8 शव बरामद
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक मंजर सुरनकोट तहसील में देखने को मिला, जहां भूस्खलन ने कई परिवारों का नामोनिशान मिटा दिया। लोअर मड़ा गांव में पहाड़ से गिरे मलबे ने मोहम्मद लतीफ के घर को पूरी तरह दफन कर दिया। इस हादसे में मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच सदस्य मलबे में खो गए। सेना, पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक इस मलबे से 8 शव निकाले जा चुके हैं, जिन्हें देखकर हर आंख नम है। गांव में अभी भी 6 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
तो कहीं उफनते नालों में बह गईं मासूम सांसें
पुंछ के अलग-अलग गांवों से आ रही खबरें सिर्फ और सिर्फ अपनों को खोने के गम की दास्तां बयां कर रही हैं। मरहोट गांव में उफनते नाले के तेज बहाव ने ‘इरम’ नाम की एक मासूम नाबालिग लड़की को हमेशा के लिए अपनों से छीन लिया। उसका शव कुछ दूरी पर बरामद हुआ।वहीं संगलेयानी गांव में एक मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिसके मलबे में दबने से एक 18 वर्षीय नवयुवक की मौत हो गई। इसके अलावा धुंधक लठूंग पुल के पास एक अज्ञात महिला का शव नाले के कीचड़ से बरामद किया गया है, जिसकी शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं।
मां की मौत, मलबे से जख्मी हालत में निकाले गए तीन मासूम बच्चे
नूनाबांडी गांव में भी बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। भारी बारिश के कारण एक मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौके पर ही मौत हो गई।नाजिया के पति मोहम्मद हफीज और उनके 2 से 6 साल की उम्र के तीन मासूम बच्चों को मलबे से बेहद जख्मी हालत में बाहर निकाला गया। सभी घायलों का राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां बच्चों की हालत देखकर डॉक्टरों की रूह भी कांप उठी।
हर तरफ सिर्फ तबाही और खौफ का मंजर
इस आसमानी आफत के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रहे लगातार भूस्खलन को देखते हुए सभी प्रमुख यात्राएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। मैदानी इलाकों में भले ही मानसून कमजोर हो, लेकिन पुंछ और राजौरी की पहाड़ियों पर इस समय सिर्फ तबाही का मंजर है, जहां नदियां उफान पर हैं और दर्जनों गाड़ियां बह चुकी हैं।
डीसी और एसएसपी ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुंछ के उपायुक्त (DC) अशोक कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शफकत हुसैन खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। प्रशासन, पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर लगातार मलबे को हटाने और जिंदगी तलाशने में जुटी हैं।अधिकारियों ने रोते-बिलखते ग्रामीणों को ढांढस बंधाया और लोगों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और कच्चे पहाड़ों से दूर रहें, क्योंकि मौसम का मिजाज अभी भी जानलेवा बना हुआ है।