नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जंतर मंतर पर जारी छात्रों का आंदोलन शनिवार देर रात से रविवार तड़के तक लगातार सक्रिय रहा। पूरी रात धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों का आना-जाना लगा रहा। ढोल-ताशों और नारों के बीच छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। उधर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। धरना स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। कई डिटेंशन बसें और वाटर कैनन भी मौके पर लगाए गए। इसी दौरान नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद देर रात जंतर मंतर पहुंचे और छात्रों के साथ पूरी रात धरना स्थल पर मौजूद रहे।
रातभर गूंजते रहे नारे, आंदोलन में बना रहा उत्साह
शनिवार देर रात जंतर मंतर पर आंदोलन का माहौल पूरी तरह सक्रिय बना रहा। बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक धरना स्थल पर मौजूद रहे। रात गहराने के बावजूद लोगों का आना-जाना जारी रहा। प्रदर्शनकारी ढोल-ताशों की थाप पर नारे लगाते रहे, जबकि मंच से लगातार संबोधन होते रहे और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की जाती रही। धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि यह केवल छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ एक व्यापक अभियान है। इसी कारण पूरी रात प्रदर्शनकारियों का उत्साह बना रहा।
प्रवक्ता आशुतोष ने जताई पुलिस कार्रवाई की आशंका
रविवार तड़के करीब साढ़े चार बजे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सुबह साढ़े चार बजे भी जंतर मंतर प्रदर्शनकारियों से भरा हुआ था। आशुतोष ने दावा किया कि धरना स्थल के दोनों ओर करीब 40 डिटेंशन बसें और छह से सात वाटर कैनन तैनात हैं। साथ ही संसद मार्ग थाना क्षेत्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि अगले पांच से छह घंटे आंदोलन के लिए बेहद अहम हैं। जो लोग जाग रहे हैं या सुबह यह संदेश देखें, वे जल्द से जल्द जंतर मंतर पहुंचकर आंदोलन को मजबूती दें। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
छात्रों के बीच पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद
देर रात नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी जंतर मंतर पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर उनका समर्थन किया। उनके पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने उनका स्वागत किया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि यदि सामाजिक और राजनीतिक लोग धरना स्थल से चले गए तो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि पहले भी कुछ अधिकारियों ने उन्हें वहां से हटने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने छात्रों के साथ रहने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल अधिकांश छात्र सामान्य परिवारों से आते हैं। ऐसे में यदि उनके साथ किसी प्रकार का बल प्रयोग होता है तो उनके पक्ष में आवाज उठाने वाला कोई नहीं होगा। इसी वजह से उन्होंने पूरी रात छात्रों के साथ रहने का फैसला किया।
‘आंदोलन छात्रों का है, राजनीतिक पहचान हावी न हो’
अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने पहले ही अपील की थी कि 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च में कोई भी व्यक्ति अपनी राजनीतिक पार्टी का झंडा लेकर न आए। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी केवल महापुरुषों की तस्वीरें और राष्ट्रीय प्रतीक लेकर शामिल हों। उनके मुताबिक यह आंदोलन छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ा है, इसलिए इस पर किसी राजनीतिक दल की छाप नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की।
धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त
जंतर मंतर और आसपास के इलाके में दिल्ली पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ कई डिटेंशन बसें और वाटर कैनन भी मौके पर मौजूद रहे। बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की जाती रही। हालांकि देर रात तक किसी प्रकार की पुलिस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन संभावित कार्रवाई की आशंका के चलते प्रदर्शनकारी पूरी रात सतर्क रहे और बड़ी संख्या में धरना स्थल पर डटे रहे।