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गले मिले, किताब भेंट की… पुतिन से मिले PM मोदी, भारत मंडपम में शुरू हुई अहम बैठक

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। दिल्ली के भारत मंडपम में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। इस दौरान पीएम मोदी और पुतिन ने. . .

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। दिल्ली के भारत मंडपम में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। इस दौरान पीएम मोदी और पुतिन ने एक-दूसरे को गले लगाया और पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को एक किताब भी भेंट की। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई। दुनिया की नजर इस मुलाकात पर टिकी है। माना जा रहा है कि बातचीत में भारत-रूस संबंधों के साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

तीन दिन के भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनका यह दौरा BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुतिन के साथ रूस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। फरवरी 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

मोदी-पुतिन वार्ता में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग के कई क्षेत्रों पर बातचीत होने की उम्मीद है। रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, फार्मास्युटिकल सेक्टर और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। इसके अलावा रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श होने की संभावना है।

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ब्रह्मोस से S-400 तक, रक्षा सहयोग पर भी नजर

रक्षा क्षेत्र में भारत और रूस के बीच सहयोग भी बैठक का अहम हिस्सा हो सकता है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पहले संकेत दिया था कि दोनों देश ब्रह्मोस मिसाइल के संभावित अपग्रेड पर विचार कर रहे हैं।इसके अलावा रूस भारत को बाकी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति को लेकर प्रतिबद्धता जता चुका है। सुखोई-57 लड़ाकू विमानों की संभावित आपूर्ति को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने की बात सामने आई है।

SCO बैठक में भी आमने-सामने आए थे मोदी और पुतिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की हालिया मुलाकात इससे पहले बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी। उस बैठक में पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को जल्द समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने युद्ध को खत्म करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया था। अब दिल्ली में दोनों नेताओं की नई बैठक को भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के रुख के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुतिन के बाद ईरानी राष्ट्रपति से भी मिलेंगे पीएम मोदी

BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। पेजेशकियन प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बातचीत में भारत-ईरान व्यापार, आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

पश्चिम एशिया तनाव के बीच पेजेशकियन का भारत दौरा

ईरानी राष्ट्रपति का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंधों के कदम उठाए जाने की चर्चा है। दिल्ली रवाना होने से पहले पेजेशकियन ने BRICS देशों के बीच आर्थिक क्षमता मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने BRICS के नए बैंक को डॉलर पर निर्भरता कम करने और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में संतुलन बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बताया था।

BRICS मंच पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की पुतिन और पेजेशकियन के अलावा कई अन्य वैश्विक नेताओं के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। ऐसे में सम्मेलन भारत के लिए आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर अहम माना जा रहा है। भारत मंडपम में मोदी-पुतिन की बैठक शुरू होने के साथ ही अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि दोनों नेता किन मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश करते हैं और भारत-रूस साझेदारी को आगे ले जाने के लिए कौन से नए फैसले सामने आते हैं।

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