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संसद मानसून सत्र : राज्यसभा की कार्यवाही 12:30 बजे तक स्थगित, लोकसभा में विपक्ष का हंगामा जारी,पीएम मोदी बोले-दुनिया में बढ़ रही भारत की पहचान

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के बीच हुई। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। लगातार शोर-शराबे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर. . .

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के बीच हुई। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। लगातार शोर-शराबे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि लोकसभा में भी हंगामा जारी रहा।

इन मुद्दों पर सरकार को घेर रहा विपक्ष

विपक्ष ने संसद में नीट-यूजी पेपर लीकअयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बनाई है। विपक्षी दल इन विषयों पर चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

एनडीए सरकार इन अहम विधेयकों को कराना चाहती है पारित

मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • आयकर संशोधन विधेयक
  • राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक
  • सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक
  • अन्य महत्वपूर्ण सरकारी विधेयक

सरकार का लक्ष्य इस सत्र में कुल सात प्रमुख विधेयकों को संसद से मंजूरी दिलाना है।

सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए देश और संसद से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने सकारात्मक चर्चा और सार्थक बहस की अपील करते हुए कहा कि संसद देश की प्रगति का सबसे बड़ा मंच है।

सकारात्मक चर्चा से ही देश आगे बढ़ेगा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संसद में सभी दलों के अनुभवी सांसद मौजूद हैं और उनके अनुभव का लाभ देश को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में सार्थक चर्चा, स्वस्थ बहस और सामूहिक संकल्प के जरिए ही देश को नई दिशा दी जा सकती है। युवा भी चाहते हैं कि संसद विकास के मुद्दों पर आगे बढ़े।

‘मॉनसून और मॉनसून सत्र दोनों हों लाभदायक’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे सक्रिय मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी देशहित में परिणाम देने वाला होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सत्र रचनात्मक चर्चा और महत्वपूर्ण फैसलों के जरिए देश के विकास को नई गति देगा।

अंतरिक्ष में भारत के युवाओं की नई उड़ान

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट ने बड़ी सफलता हासिल की है और इसकी टीम की औसत उम्र केवल 28 वर्ष है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा आज अंतरिक्ष जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी दुनिया के सामने अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं।

दुनिया में बढ़ रही भारत की पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स और युवाओं की सफलताओं से पूरी दुनिया में भारत की पहचान और स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

पश्चिम एशिया संकट के बीच भी मजबूत रही भारतीय अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति, पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों की उपलब्धता प्रभावित हुई। इसके बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की।

हाइड्रोजन ट्रेन और सेमीकंडक्टर प्लांट का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में देश को कई बड़ी परियोजनाएं समर्पित की गई हैं। इनमें राजस्थान की नई तेल रिफाइनरी, तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली इंजन वाली और अपनी तरह की सबसे लंबी ट्रेन है। यह देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, इनोवेटर्स और श्रमिकों की मेहनत का परिणाम है।

‘जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां हंगामे की जरूरत नहीं’

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद में तथ्य और तर्क के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां हंगामे की कोई गुंजाइश नहीं होती।” प्रधानमंत्री ने सभी दलों से रचनात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद का यह सत्र देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होना चाहिए।

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