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दलाल स्ट्रीट पर फिर बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स ने लगाया 400 अंकों का गोता; IT और ऑटो शेयरों में भारी गिरावट

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। पिछले करीब पांच सप्ताह से बाजार में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और सेंसेक्स. . .

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। पिछले करीब पांच सप्ताह से बाजार में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया। निफ्टी भी लाल निशान में खुला। IT और ऑटो शेयरों में बिकवाली का दबाव सबसे ज्यादा नजर आया।

सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत

मंगलवार सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 75,811.62 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 23,743.10 के स्तर पर गिरावट के साथ खुला। इसके कुछ देर बाद बाजार की कमजोरी और बढ़ गई। सुबह 9:57 बजे सेंसेक्स 410.56 अंक यानी करीब 0.54 फीसदी टूटकर 75,722.25 के स्तर पर पहुंच गया। इसी दौरान निफ्टी भी करीब 110 अंक यानी 0.46 फीसदी की गिरावट के साथ 23,669.15 पर कारोबार करता नजर आया।

एक्सिस बैंक समेत इन शेयरों में गिरावट

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में मंगलवार को एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में बैंक के शेयर में करीब 1.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा जैसे शेयर भी कमजोर रहे। वहीं, इटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील में बढ़त देखने को मिली।

सोमवार को भी बाजार में रही थी मायूसी

इससे पहले सोमवार को भी घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 75,970.28 के स्तर पर कमजोर शुरुआत के बाद कारोबार के अंत में 382.62 अंक टूटकर 76,132.81 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी सोमवार को 118 अंक की गिरावट के साथ 23,779.15 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में इन्फोसिस सबसे ज्यादा नुकसान में रहा था। कंपनी का शेयर करीब 3.81 फीसदी गिरकर 1,087 रुपये के आसपास बंद हुआ।

क्यों लगातार दबाव में है शेयर बाजार?

बाजार में जारी कमजोरी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, IT शेयरों में लगातार बिकवाली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी आशंका बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। इसके अलावा IPO बाजार में बढ़ती गतिविधियों के कारण भी बड़ी मात्रा में पूंजी बाजार की ओर आकर्षित हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक इन सभी कारणों के चलते बाजार में धीरे-धीरे लेकिन लगातार दबाव बना हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजय कुमार के मुताबिक बाजार में जारी गिरावट के पीछे मौजूद मैक्रो आर्थिक कारण अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। ऐसे में निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहे कुछ बड़े शेयरों में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकते हैं। मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयर बाजार की कमजोरी के दौरान आकर्षक स्तर पर उपलब्ध हो सकते हैं।

विदेशी और घरेलू निवेशकों ने की खरीदारी

दिलचस्प बात यह है कि सोमवार को बाजार में गिरावट के बावजूद घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब 567 करोड़ रुपये की खरीदारी की। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी भारतीय शेयर बाजार में करीब 280 करोड़ रुपये का निवेश किया।

निफ्टी का 52 हफ्ते का रिकॉर्ड

निफ्टी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 26,373.20 और निचला स्तर 22,182.55 बताया गया है। मौजूदा स्तरों पर निवेशकों की नजर बाजार की आगे की दिशा और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।

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