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शरीर में है किस विटामिन की कमी? थकान से लेकर बाल झड़ने तक, ये 10 संकेत दे सकते हैं इशारा

हेल्थ डेस्क। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। संतुलित और विविध आहार से अधिकांश लोगों को जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं, लेकिन खान-पान की कमी, शरीर में पोषक तत्वों का ठीक से. . .

हेल्थ डेस्क। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। संतुलित और विविध आहार से अधिकांश लोगों को जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं, लेकिन खान-पान की कमी, शरीर में पोषक तत्वों का ठीक से अवशोषण न होना या कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के कारण विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है। कई बार शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि, केवल लक्षण देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति में किस विटामिन की कमी है। फिर भी कुछ संकेत संभावित कमी की ओर इशारा कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 संकेतों के बारे में।

1. हर समय कमजोरी और थकान

लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी कई कारणों से हो सकती है। इनमें विटामिन B12, फोलेट या आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया भी शामिल है। B12 या फोलेट की कमी में थकान और कमजोरी के साथ सिरदर्द, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज महसूस होना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

क्या करें: लंबे समय से थकान बनी हुई है तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है।

2. बालों का झड़ना और कमजोरी

बालों का ज्यादा झड़ना हमेशा विटामिन की कमी का संकेत नहीं होता। हालांकि आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया में बाल झड़ने की समस्या देखी जा सकती है।

क्या करें: अचानक या लगातार बाल झड़ रहे हों तो केवल सप्लीमेंट लेने के बजाय इसके कारण की जांच कराएं।

3. नाखून कमजोर होना

नाखूनों का आसानी से टूटना या उनमें बदलाव होना पोषण संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया में नाखूनों में बदलाव और कभी-कभी चम्मच जैसी आकृति भी देखी जा सकती है।

क्या करें: ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से जांच की सलाह लें।

4. मुंह में छाले या होंठों के किनारे फटना

बार-बार मुंह में छाले होना, जीभ में दर्द या लालिमा और मुंह के आसपास की समस्या B12 या फोलेट की कमी से जुड़ी हो सकती है। आयरन की कमी में भी मुंह के कोनों पर घाव हो सकते हैं।

क्या करें: बार-बार छाले होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय कारण की जांच कराएं।

5. मसूड़ों से खून आना

ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना कई कारणों से हो सकता है। गंभीर विटामिन C की कमी में मसूड़ों में सूजन और रक्तस्राव हो सकता है। विटामिन C घाव भरने और शरीर के कई ऊतकों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

क्या करें: मसूड़ों से बार-बार खून आने पर डेंटिस्ट या डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

6. हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी गंभीर कमी बच्चों में रिकेट्स और किशोरों व वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया जैसी समस्याओं से जुड़ी हो सकती है, जिसमें हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी हो सकती है।

क्या करें: लगातार हड्डी या मांसपेशियों में दर्द को केवल विटामिन D की कमी मानकर सप्लीमेंट शुरू न करें।

7. हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन

हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन विटामिन B12 की कमी से जुड़ा हो सकता है। B12 की कमी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती है और इसके कारण झुनझुनी, संतुलन की समस्या या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

क्या करें: लगातार सुन्नपन या झुनझुनी होने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

8. जीभ में लालिमा, सूजन या जलन

जीभ का लाल होना, दर्द या जलन B12 या फोलेट की कमी से होने वाली एनीमिया के लक्षणों में शामिल हो सकता है। मुंह में छाले भी इसके साथ दिखाई दे सकते हैं।

क्या करें: अगर जीभ में लंबे समय तक बदलाव बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।

9. बार-बार संक्रमण होना

बार-बार बीमार पड़ने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए हर बार इसे विटामिन C या D की कमी मानना सही नहीं है। संतुलित आहार शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स उपलब्ध कराने में मदद करता है।

क्या करें: बार-बार संक्रमण या लगातार खराब स्वास्थ्य की स्थिति में डॉक्टर से कारण की जांच कराएं।

10. चक्कर और सिरदर्द

सिरदर्द और चक्कर कई अलग-अलग कारणों से हो सकते हैं। इनमें आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया और B12 या फोलेट की कमी से होने वाला एनीमिया भी शामिल हो सकता है। आयरन की कमी वाले एनीमिया में थकान, कमजोरी और सिरदर्द आम लक्षणों में शामिल हैं।

क्या करें: लगातार चक्कर या सिरदर्द को केवल विटामिन की कमी समझकर इलाज शुरू न करें।

कौन-से खाद्य पदार्थ मदद कर सकते हैं?

विटामिन और मिनरल्स की जरूरत पूरी करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तरीका संतुलित और विविध आहार लेना है। विटामिन B12 के स्रोतों में मांस, मछली, अंडे, डेयरी और कुछ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ शामिल हैं। फोलेट हरी सब्जियों जैसे ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स और मटर से मिल सकता है। वहीं विटामिन C के अच्छे स्रोत फलों और सब्जियों में पाए जाते हैं।

केवल लक्षण देखकर सप्लीमेंट लेना सही नहीं

विटामिन की कमी के कई लक्षण एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो सकते हैं। उदाहरण के लिए थकान केवल B12 या आयरन की कमी से नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों से भी हो सकती है। इसी तरह बाल झड़ना या सिरदर्द भी कई स्थितियों से जुड़ा हो सकता है।

इसलिए बिना जांच के हाई-डोज विटामिन या आयरन सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। यदि लक्षण लगातार बने हुए हैं, बढ़ रहे हैं या रोजमर्रा के काम पर असर डाल रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक ब्लड टेस्ट कराना बेहतर है। B12 और फोलेट की कमी की पहचान में रक्त जांच का इस्तेमाल किया जाता है।

निष्कर्ष

शरीर में होने वाले छोटे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, लेकिन हर लक्षण को किसी खास विटामिन की कमी मानना भी सही नहीं है। संतुलित भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह ही पोषण संबंधी कमी की सही पहचान और इलाज का सुरक्षित तरीका है।

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