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बारिश का कहर: हिमाचल में लैंडस्लाइड से तबाही, 9 की मौत, 49 सड़कें बंद; उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा रोकी गई, कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात

शिमला: देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन राहत की बारिश अब आफत बनती जा रही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन. . .

शिमला: देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन राहत की बारिश अब आफत बनती जा रही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कहीं भूस्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं तो कहीं बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, मंदिर जलमग्न हो गए हैं और वाहन मलबे में दब गए हैं।

हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से हालात गंभीर

हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला तेज हो गया है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक अलग-अलग घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 से अधिक सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 42 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है।

राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे में हल्का हिमपात भी दर्ज किया गया, जबकि शिमला, कांगड़ा, चंबा, लाहुल-स्पीति, कुल्लू और मंडी सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई।

किन्नौर में नेशनल हाईवे पर आया मलबा, दो वाहन दबे

किन्नौर जिले में गुरुवार रात हुई मूसलधार बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया। इस दौरान हाईवे पर खड़ी दो गाड़ियां मलबे में दब गईं। प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और सड़क को बहाल करने का प्रयास जारी है।

अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत

बारिश के दौरान अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में चार लोगों की जान चली गई।

लाहुल-स्पीति में एचआरटीसी के केलंग डिपो के परिचालक ज्ञान सिंह की बावड़ी के पास उस समय मौत हो गई, जब वह सड़क किनारे खड़े थे और पहाड़ी से गिरा पत्थर सीधे उनके सिर पर आ लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिमला के रामपुर उपमंडल के पीपलीधार क्षेत्र में एक 60 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बारिश के दौरान बिजली के तार से करंट लोहे की तार में प्रवाहित हो गया था, जिसकी चपेट में महिला आ गई। कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के मसोट गांव में टुल्लू पंप लगाते समय एक प्लंबर की करंट लगने से मौत हो गई। वहीं चंबा जिले के अगाहर गांव में एक महिला का पैर फिसलने से वह गहरी ढांक में गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

चंबा में सड़क बह गई, कई मार्ग बाधित

चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण सियूंर नाले में अचानक बाढ़ आ गई। इससे ग्रीमा गांव को जोड़ने वाली सड़क का लगभग 60 फीट हिस्सा बह गया, जिसके कारण होली-सियूंर-ग्रीमा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। इसके अलावा चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग भी दिनका घार क्षेत्र में भूस्खलन के कारण करीब चार घंटे तक बंद रहा।

बिलासपुर में जलभराव, कई इलाकों में यातायात प्रभावित

बिलासपुर जिले में तेज बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं। चेतना चौक सहित कई इलाकों में पहाड़ियों से पत्थर और मिट्टी सड़क पर आ गई, जिससे यातायात बाधित रहा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

अब तक 9 लोगों की मौत, कई मकानों को नुकसान

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मानसून शुरू होने के बाद अब तक प्रदेश में विभिन्न घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें गिरने, डूबने, करंट लगने और अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा सात कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है और कई स्थानों पर कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है। हालांकि लगातार बारिश से धान और मक्के की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है।

कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी 24 घंटों के लिए कांगड़ा और मंडी जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कुल्लू, शिमला, सिरमौर और ऊना जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।

उत्तराखंड में भी बिगड़े हालात, केदारनाथ यात्रा रोकी गई

लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। रुद्रप्रयाग, चमोली और अन्य पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें बंद हो गई हैं।

बद्रीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार पहाड़ियों से पत्थर गिर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दी है। सड़कें खुलने और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।

अन्य राज्यों में भी बारिश का असर

लगातार हो रही बारिश का असर अन्य राज्यों में भी देखने को मिला।

  • मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई मंदिर जलमग्न हो गए।
  • उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
  • गुजरात के कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गईं और जलभराव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं और बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

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